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Our mission, vision and work

Welcome to SWAMI VIVEKANAND ARJUNSINGH JANKALYAN SAMITI

स्वामी विवेकानंद अर्जुन सिंह जनकल्याण समिति — परिचय

स्वामी विवेकानंद अर्जुन सिंह जनकल्याण समिति एक सामाजिक एवं जनकल्याणकारी संस्था है, जिसका उद्देश्य शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के कल्याण तथा समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करना है।

समिति का मूल विचार “राष्ट्रहित, जनकल्याण व जीव कल्याण की नई अनोखी किरण” के संकल्प के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। समिति शिक्षा को सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने का उद्देश्य रखती है।

समिति के प्रमुख उद्देश्य

- क्षेत्र में विद्यालयों की स्थापना एवं शिक्षा के विकास के लिए कार्य करना।
- गरीब एवं असहाय विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा एवं पुस्तकों की व्यवस्था में सहयोग करना।
- विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन एवं मनोरंजन के लिए पुस्तकालय, क्रीड़ा स्थल एवं पर्यटन संबंधी सुविधाओं को बढ़ावा देना।
- आर्थिक रूप से कमजोर एवं अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, पेंटिंग, टाइपिंग तथा संगीत आदि का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का प्रयास करना।
- विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन एवं सांस्कृतिक विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करना।
- विद्यालयों में कंप्यूटर प्रशिक्षण तथा हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी, उर्दू, अरबी एवं फारसी जैसी भाषाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना।
- केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने तथा उनके क्रियान्वयन में सहयोग करना।
- अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा देना।
- दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शिक्षा एवं विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करना।
- दूर-दराज एवं वंचित क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा की पहुंच बनाने का प्रयास करना।
- कैंप, रैली, सेमिनार एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा और सामाजिक विषयों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना।
- बालश्रम में लगे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके कौशल विकास के लिए प्रयास करना।
- गरीब परिवारों की सामूहिक शादियों में सहयोग एवं सहायता प्रदान करना।
- अनाथ आश्रम, विधवा आश्रम एवं दिव्यांग आश्रम जैसी जनकल्याणकारी गतिविधियों को बढ़ावा देना।
- महिला जागरूकता एवं महिला सशक्तिकरण के लिए गांव-गांव जाकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना।
- कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास करना।
- समाज के कल्याण से संबंधित अन्य आवश्यक एवं उपयोगी कार्य करना।

समिति का संकल्प

समिति का प्रयास है कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए तथा गरीब, वंचित, असहाय, महिला, बालक, दिव्यांग एवं जरूरतमंद वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सकारात्मक भूमिका निभाई जाए।

“हर कदम सफलता की ओर” के संकल्प के साथ समिति राष्ट्रहित, जनकल्याण और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की भावना रखती है।

स्वामी विवेकानंद अर्जुन सिंह जन कल्याण समिति

राष्ट्रहित, जनकल्याण एवं जीव कल्याण की नई अनोखी किरण

स्वामी विवेकानंद अर्जुन सिंह जनकल्याण समिति एक सामाजिक एवं जनकल्याणकारी संस्था है, जिसका मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा, सहयोग, अवसर और मानवीय संवेदना को पहुंचाना है। संस्था का संकल्प है कि आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब, असहाय, वंचित एवं जरूरतमंद लोगों को उनके कठिन समय में यथासंभव सहयोग प्रदान किया जाए तथा उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिले।

शिक्षा — समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव

संस्था शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम मानती है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण, पिछड़े एवं शिक्षा से वंचित क्षेत्रों में विद्यालयों की स्थापना एवं संचालन को प्रोत्साहित करने, शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए कार्य किया जाता है।

जहां बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सीमित है, वहां विद्यालय एवं शैक्षिक संस्थानों की स्थापना के लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। गरीब एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को पुस्तकें, शैक्षिक सामग्री तथा अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में भी संस्था कार्य करती है।

आर्थिक सहयोग — जरूरत के समय साथ

संस्था का प्रयास केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। समाज में ऐसे अनेक परिवार और व्यक्ति हैं जिन्हें बीमारी, दुर्घटना, आर्थिक कठिनाई, शिक्षा, रोजगार अथवा अन्य विपरीत परिस्थितियों में तत्काल सहयोग की आवश्यकता होती है।

ऐसे जरूरतमंद लोगों को संस्था की उपलब्ध संसाधनों एवं निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आर्थिक एवं आवश्यक सहायता प्रदान करने का प्रयास किया जाता है, ताकि कठिन परिस्थितियों में उन्हें सहारा मिल सके और वे अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित कर सकें।

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना संस्था के महत्वपूर्ण उद्देश्यों में शामिल है। महिलाओं एवं युवतियों के लिए सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, पेंटिंग, टाइपिंग, संगीत तथा अन्य उपयोगी कौशलों के प्रशिक्षण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है।

संस्था का विश्वास है कि किसी परिवार को मजबूत बनाने के लिए महिला को शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता के अवसर देना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

गरीब एवं वंचित वर्गों के लिए समर्पित प्रयास

संस्था समाज के उन वर्गों तक पहुंच बनाने का प्रयास करती है जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से विकास की मुख्यधारा से पीछे रह जाते हैं। गरीब, असहाय, अनाथ, दिव्यांग, महिला, बालक तथा अन्य जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए विभिन्न सामाजिक एवं जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है।

सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए जागरूक एवं मार्गदर्शित करने का भी प्रयास किया जाता है।

जनजागरूकता से जनकल्याण तक

संस्था द्वारा शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार, सामाजिक जागरूकता, स्वास्थ्य, स्वावलंबन एवं जनकल्याण से जुड़े विषयों पर कैंप, रैली, सेमिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं जागरूकता अभियानों को प्रोत्साहित किया जाता है।

हमारा प्रयास है कि समाज का कोई भी व्यक्ति केवल जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों, अवसरों या सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।

हमारा संकल्प

हर कदम सफलता की ओर।

हमारा मानना है कि जनसेवा केवल सहायता देने का नाम नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर देने का नाम है। इसी सोच के साथ संस्था शिक्षा, आर्थिक सहयोग, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

स्वामी विवेकानंद अर्जुन सिंह जनकल्याण समिति का उद्देश्य है—

“जरूरतमंद तक सहायता, बच्चे तक शिक्षा, महिला तक आत्मनिर्भरता और समाज तक जागरूकता पहुंचाना।”

हमारा विश्वास

सेवा • शिक्षा • सहयोग • स्वावलंबन • सामाजिक जागरूकता

यही हमारी पहचान है और यही हमारे जनकल्याण के प्रयासों की आधारशिला है।